राजगामी संपदा न्यास की करोड़ों की भूमि के अवैध हस्तांतरण की निष्पक्ष जाँच और लीज निरस्त करने की माँग
राजनांदगांव। राजगामी संपदा की भूमि पर लगातार हो रहे अवैध कब्जों और अन्य संस्थाओं को किए गए गैर-कानूनी हस्तांतरण को लेकर छत्तीसगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाया है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने गुरुवार को राजगामी संपदा न्यास की नवनियुक्त अध्यक्ष श्रीमति पूर्णिमा साहू महोदया से भेंट कर मामले से जुड़े पक्के दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। उन्होंने अवैध रूप से हस्तांतरित की गई भूमि की लीज तत्काल निरस्त कर उसे पुनः राजगामी संपदा न्यास के पूर्ण आधिपत्य में लेने की माँग की है।
क्या है पूरा मामला?
श्री पॉल ने दस्तावेजों के हवाले से बताया कि तत्कालीन कलेक्टर, राजनांदगांव द्वारा लालबाग स्थित राजगामी संपदा न्यास की भूमि खसरा नं. 369 (नया 183 एवं 184), कुल रकबा 1,50,000 वर्गफुट को प्राथमिक स्कूल निर्माण हेतु शासन की स्वीकृति की प्रत्याशा में 09 दिसंबर 1975 को ‘रायपुर धर्मप्रदेशीय समाज, रायपुर’ (पंजीयन क्र. 4180) को अग्रिम आधिपत्य दिया गया था। इसके बाद 12 दिसंबर 1975 को इस भूमि को 30 वर्षों की लीज पर देने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था।
बिना अस्तित्व वाली संस्था से हस्तांतरण का आरोप
मामले में गंभीर गड़बड़ी का खुलासा करते हुए श्री पॉल ने बताया कि जिस समय भूमि लीज पर दी गई थी, उस समय ‘रायपुर डायोसिस एजुकेशन सोसाइटी, रायपुर’ (पंजीयन क्र. 5261) का अस्तित्व ही नहीं था। यह संस्था बाद में 27 जनवरी 1977 को अस्तित्व में आई। इसके बावजूद, इस संस्था द्वारा 23 जुलाई 2003 को एक प्रस्ताव पारित कर 16 मार्च 2007 को राजगामी संपदा की उक्त बेशकीमती भूमि को अवैध रूप से तीसरी संस्था ‘शिक्षा प्रचार एवं प्रसार समिति, रायपुर’ (पंजीयन क्र. 5400) को हस्तांतरित कर दिया गया।
गंभीर आपराधिक कृत्य व गबन की श्रेणी
छत्तीसगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन का स्पष्ट कहना है कि उक्त तीनों संस्थाओं—’रायपुर धर्मप्रदेशीय समाज’, ‘रायपुर डायोसिस एजुकेशन सोसाइटी’ तथा ‘शिक्षा प्रचार एवं प्रसार समिति’ के तत्कालीन संचालकों और प्रबंधकों ने आपसी मिलीभगत से शासकीय/राजगामी संपदा की भूमि को निजी संपत्ति मानकर यह अवैध लेन-देन किया है। यह सीधा-सीधा शासकीय संपत्ति के गबन, धोखाधड़ी और गंभीर आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आता है।
प्रमुख माँगे:
1. प्रकरण की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जाँच कराई जाए।
2. अवैध रूप से किए गए भूमि हस्तांतरण व लीज को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।
3. लालबाग स्थित 1,50,000 वर्गफुट भूमि को पुनः राजगामी संपदा न्यास के पूर्ण आधिपत्य में लिया जाए।

