श्री भुआजी सा स्वरूपकँवर की जन्मस्थली में लगा मेला
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नेशन अलर्ट / जैसलमेर.
श्री भुआजी सा स्वरूपकँवर भटियाणीजी मँदिर सेवा एवँ विकास सँस्थान द्वारा माँ के नए मँदिर के निर्माण की तैयारी प्रारँभ हो गई है. इस अवसर पर आसोज सुदी तेरस पर शनिवार को भव्य मेले का आयोजन हुआ.
यह मँदिर माँ के अवतरण स्थल जोगीदास धाम में निर्मित होगा. जिला मुख्यालय से तकरीबन 85 किलोमीटर दूर जोगीदास का यह गाँव स्थित है.
इस गाँव की स्थापना माँ स्वरूप कँवर के पिताजी जोगीदास जी ने विक्रम सँवत 1741 में की थी. वह पृथ्वीराज के बडे़ सुपुत्र थे. उन्हें यहाँ का पहला जागीरदार माना जाता है.
उन्हीं के नाम पर जोगीदास का गाँव के नाम से सरकार के राजस्व रिकार्ड में यह गाँव दर्ज है. यह गाँव जहाँ स्थित है उस इलाके को रियासतकाल के समय दक्षिण बसिया के नाम से जाना जाता था.
दरअसल, पृथ्वीराज को भाटीसरा क्षेत्र की जागीर मिली थी. जैसलमेर के दक्षिण में होने के कारण इसे दक्षिण बसिया कहा जाता है.
किलेनुमा आकार में होगा परकोटा…
वैसे जोगीदास के गाँव में माजीसा माँ का एक मँदिर अभी स्थित है. इसमें स्वरूप बाईसा की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा 23 अक्टूबर 1999 दिन शनिवार को हुई थी.
विक्रम सँवत 2056 आसोज (अगहन) के तेरस तिथि को स्थापित इस मूर्ति की पूजापाठ, देखरेख की जिम्मेदारी श्री माता राणी भटियाणी जी चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा सँभाली जाती है.
ट्रस्ट ने मूर्ति स्थापना की रजत जयँती वर्ष में नए मँदिर के निर्माण की रूपरेखा तय की थी. अब उसी अनुरूप तैयारी प्रारँभ हो गई है.
अब जो नया मँदिर तैयार होगा वह 155 खँभों यानिकि पिल्लर पर खडा़ होगा. इसके निर्माण में नीचे की ओर किलेनुमा आकार में परकोटा तैयार होगा. यही परकोटा 25 फिट ऊँचा होगा.
24 अक्टूबर को आज वहाँ मेले का आयोजन के साथ ही जागरण का आयोजन तय है. गजेंद्र राव, सोनु सिसोदिया ने दोपहर से माँ के भजन प्रस्तुत किए. मँच सँचालन राजू माली ने किया.
शनिवार सँध्या 1008 दीपक से माँ भटियानी सा री महाआरती हुई. रात्रि में भजन गायिका आशा वैष्णव व महावीर साँखला ने भुआजी सा के भजन रातिजोगा कार्यक्रम में प्रस्तुत किए. इसका सँचालन अनिल सालेचा ने किया.

